New Education Pattern 2022

New Education Pattern 2022: अब स्कूली शिक्षा में लागू होगा 5 + 3 का पैटर्न, जानें complete details

New Education Pattern 2022 : नई शिक्षा नीति (new education policy) के द्वारा कई सालों से चल रही पुरानी शिक्षा नीति में बड़ा बदलाव लाने की तैयारी में तेजी आ गई है। इस शिक्षा में जो अहम परिवर्तन है वह शिक्षा के पाठ्यक्रम (new education syllabus) को 10 +2 के पैटर्न से निकालकर 5 +3 +3 +4 के पैटर्न पर ले जाने का है। शिक्षा मंत्रालय इस काम में तेजी से काम शुरू कर दिया है। अब जल्दी ही शिक्षा में रटने और रटाने का कार्य खत्म हो जाएगा।

आज के समय में 10 +2 वाले स्कूली शिक्षा ढांचे में तीन से छह वर्ष की उम्र के बच्चे शामिल हैं क्योंकि अभी छह वर्ष की उम्र में बच्चों को सीधे कक्षा एक में प्रवेश दिया जाता है। लेकिन नई शिक्षा नीति में 5 +3 +3 +4 ढांचे में तीन साल की उम्र से ही बच्चों को शिक्षा से जोड़ा जाएगा। अब बच्चा जैसे तीन साल का होगा उसे आंगनवाड़ी या kindergarden में प्रवेश दिया जाएगा। जहां वह छह साल की उम्र में पढ़ेगा।

नई शिक्षा नीति में शिक्षा को नए ढांचे में बदलने की जरुरत है। इसरो के प्रमुख देश के वरिष्ठ विज्ञानी के. कस्तूरीरंगन की अगुवाई में नई शिक्षा नीति तैयार की गई है। मंत्रालय का मानना है कि यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि इस शिक्षा नीति के जरिए बदलाव के जो सपने देखे गए हैं वे पूरी तरह से ढांचे में आ सकें। शिक्षा मंत्रालय ने 21 वीं सदी को देखते हुए नई शिक्षा नीति को बनाया है।

नई शिक्षा नीति में स्कूली शिक्षा

NEP को 2020 में मंजूरी दी गई थी। यह नई शिक्षा नीति शिक्षा के अधिकार अधिनियम की अवधि को भी बढ़ाता है और अब 3 से 18 वर्ष की आयु को कवर करेगा। यह शिक्षा नीति कुल स्कूली शिक्षा अवधि को व्यवस्थित करने पर विचार करता है ताकि प्रारंभिक बचपन और अच्छा बन सकें। आमतौर पर आज शहरी परिवेश में अपनाई जाने वाली शिक्षा प्रणाली के अनुसार बच्चे पहले प्ले SCHOOL में शामिल होते हैं और फिर उन स्कूलों में चले जाते हैं जहां वे दो साल की किंडरगार्टन कक्षाएं करते हैं और उसके बाद 12 साल की स्कूली शिक्षा करते हैं।

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National Education Policy 2020: Know 5+3+3+4 system and new exams pattern

 The 5+3+3+4 structure will comprise 12 years of school and three of Anganwadi or pre-school.

The NEP 2020 will give a thrust on early childhood care and education. It will replace the 10+2 structure of school curricula by a 5+3+3+4 curricular structure corresponding to ages 3-8, 8-11, 11-14, and 14-18 years respectively. The 5+3+3+4 structure will comprise 12 years of school and three of Anganwadi or pre-school.

A National Curricular and Pedagogical Framework for Early Childhood Care and Education (NCPFECCE) for children up to the age of eight will be developed by the National Council for Education Research and Training (NCERT). 

The ministries of HRD, Women and Child Development (WCD), Health and Family Welfare (HFW), and Tribal Affairs will jointly accomplish the ECCE’s planning and implementation.

The new policy aims for Universalization of Education from pre-school to secondary level with 100% GER in school education by 2030, said the statement. 

“This is the first education policy of the 21st century and replaces the 34-year-old National Policy on Education (NPE), 1986. Built on the foundational pillars of Access, Equity, Quality, Affordability and Accountability, this policy is aligned to the 2030 Agenda for Sustainable Development and aims to transform India into a vibrant knowledge society and global knowledge superpower by making both school and college education more holistic, flexible, multidisciplinary, suited to 21st century needs and aimed at bringing out the unique capabilities of each student,” the statement said.

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