NCERT Solutions for Class 6th Hindi Chapter 5 : अक्षरों का महत्व

CBSE NCERT Solutions for Class 6th Hindi Chapter 5 – Aksharo Ka Mahatwa – Vasant. पाठ 5 – अक्षरों का महत्व हिंदी वसंत भाग-I


पाठ 5 अक्षरों का महत्व

    –  गुणाकर मुले


पृष्ठ संख्या: 38
 
प्रश्न अभ्यास
 
निबंध से
 

1. पाठ में ऐसा क्यों कहा गया है कि अक्षरों के साथ एक नए युग की शुरुआत हुई?

 
उत्तर
 
अक्षरों के साथ एक नए युग की शुरुआत हुई क्योंकि इसके पहले मानव सभ्यता लिखित इतिहास नहीं मिलता है। अक्षरों खोज के बाद ही एक पीढ़ी के ज्ञान का इस्तेमाल दूसरी पीढ़ी कर पायी जिससे मनुष्य प्रगति के पथ पर बढ़ सका।
 

2. अक्षरों की खोज का सिलसिला कब और कैसे शुरू हुआ? पाठ पढ़कर उत्तर लिखो। 

 
उत्तर
 

प्रागैतिहासिक मानव ने सबसे पहले चित्रों के जरिए अपने भाव को व्यक्त किया। जैसे, पशुओं, पक्षियों, आदमियों आदि के चित्र। इन चित्र-संकेतों के बाद में, भाव-संकेत अस्तित्व में आए। जैसे, एक छोटे वृत्त के चहुँ किरणों की द्योतक रेखाएँ खींचने पर वह ‘सूर्य’ का चित्र बन जाता था। बाद में यही चित्र ‘ताप’ या ‘धूप’ का द्योतक बन गया। इस तरह भाव-संकेत अस्तित्व में आए। फिर जाकर काफी बाद में आदमी ने अक्षरों की खोज की। 

 

3. अक्षरों के ज्ञान से पूर्व मनुष्य अपनी बात को दूर-दराज़ के इलाकों तक पहुँचाने के लिए किन-किन माध्यमों का सहारा लेता था? 

 
उत्तर
 

अक्षरों के ज्ञान से पूर्व मनुष्य अपनी बात को दूर-दराज़ के इलाकों तक पहुँचाने के लिए पशुओं, पक्षियों, आदमियों आदि के चित्र बनाकर भाव संकेत का सहारा लेता था। 

 

4. ‘भाषा का विकास पहले हुआ, अक्षर और लिपि का बाद में। बोली गयी भाषा को अक्षरों की मदद से लिखा जा सकता है। कई लोग ऐसे भी होते हैं जो अक्षर नहीं पहचानते पर भाषा अच्छी तरह जानते हैं।”

ऊपर की पंक्तियों को ध्यान में रखते हुए भाषा और अक्षर के संबंधों के बारे में एक अनुच्छेद लिखो।

 

उत्तर

भाषा का आरम्भ मानव की उत्पत्ति के साथ हुआ। शुरुआत में मानव ने सबसे पहले चित्रों के जरिये अपने भावों को व्यक्त किया। अपनी बातों को समझाने ले लिए चित्र-संकेतों के बाद मानव ने भाव-संकेतों का सहारा लिया। धीरे-धीरे विकास के गति बढ़ने के साथ ही ध्वनि का विकास हुआ। मानव अपने विचारों को ध्वनि के द्वारा एक-दूसरे तक पहुँचा सकते थे। इस तरह भाषा का विकास होता गया। अक्षरों के प्रचलन ने मानव विकास को अभूतपूर्व गति दी तथा भाषा को शिखर तक पहुँचा दिया। मानव अब अपने विचारों और इतिहास को अक्षरों में सहेज कर रख रखने लगा। भाषा और अक्षर एक दूसरे के पूरक हैं। कई लोग भाषा को अच्छी तरह बोल पाते हैं परन्तु उन्हें अक्षर में ढाल नहीं पाते हैं। ये लोग अपने विचारों को सहेज कर रख नहीं पाते और दूसरे के विचारों को पढ़ नहीं पाते जिस कारण ये एक सीमित जीवन जीते हैं। अक्षरों द्वारा लेखन कार्य भाषा का अटूट अंग है। आज के दुनिया में अक्षरों के बिना भाषा की कल्पना नहीं की जा सकती।

 

निबंध से आगे

1. अक्षरों के महत्व की तरह ध्वनि के महत्त्व के बारे में जितना जानते हो उसे लिखो।

 
उत्तर
 

ध्वनि हमारे विचारों को बोलकर प्रस्तुत करने का साधन है। यह भाषा की सबसे छोटी इकाई है। इनके द्वारा ही हम एक दूसरे से बातचीत करते हैं। यह हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

2. पुराने ज़माने में लोग यह क्यों सोचते थे कि अक्षर और भाषा की खोज ईश्वर ने की थी? अनुमान लगाओ और बताओ।

 
उत्तर
 

पुराने ज़माने में लोग यह इसलिए सोचते थे कि अक्षर और भाषा की खोज ईश्वर ने की क्योंकि उन्हें इनके इतिहास के बारे में जानकारी नहीं थी। यह कब और कैसे शुरू हुआ।


पृष्ठ संख्या: 39

 
भाषा की बात
 

 अनादि काल में रेखांकित शब्द का अर्थ है जिसकी कोई शुरुआत या न हो। नीचे दिए गए शब्द भी मूल शब्द के शुरू में कुछ जोड़ने से बने इसे उपसर्ग कहते हैं। इन उपसर्गों को अलग करके लिखो और मूल शब्दों को लिखकर उनका अर्थ समझो – 
असफल 
अदृश्य 
अनुचित 
अनावश्यक 
अपरिचित 
अनिच्छा 
(क) अब बताओ कि ये उपसर्ग जिन शब्दों के साथ जुड़ रहे हैं क्या उनमें कोई अंतर है?
(ख) उपर्युक्त शब्दों से वाक्य बनाओ और समझो कि ये संज्ञा हैं या विशेषण। वैसे तो संख्याएँ संज्ञा होती हैं पर कभी-कभी ये विशेषण का काम करती हैं, जैसे नीचे लिखे वाक्य में –
हमारी धरती लगभग पाँच अरब साल पुरानी है। 
कोई दस हज़ार साल पहले आदमी ने गाँवों को बसाना शुरू किया। 
इन वाक्यों में रेखांकित अंश ‘साल संज्ञा के बारे में विशेष जानकारी दे रहे हैं, इसलिए संख्यावाचक विशेषण हैं। संख्यावाचक विशेषण का इस्तेमाल उन्हीं चीज़ों के लिए होता है जिन्हें गिना जा सके। जैसे, चार संतरे, पाँच बच्चे, तीन शहर आदि। पर यदि किसी चीज़ को गिना नहीं जा सकता तो उसके साथ संख्या वाले शब्दों के अलावा माप-तौल आदि के शब्दों का इस्तेमाल भी किया जाता है –
 तीन जग पानी 
 एक किलो ज़ीरा 
यहाँ रेखांकित हिस्से परिमाणवाचक विशेषण हैं क्योंकि इनका संबंध माप-तौल से है। अब नीचे लिखे हुए को पढ़ो। खाली स्थानों में बॉक्स में दिए गए माप-तौल के उचित शब्द छाँटकर लिखो।

प्याला कटोरी एकड़ मीटर लीटर किलो ट्रक चम्मच 

1. तीन……………… खीर 
2. दो………………….. ज़मीन

3. छह……………….कपड़ा
4. एक………………… रेत 
5. दो……………….. कॉफ़ी 
6. पाँच………….. बाजरा 
7. एक……………. दूध 
8. तीन………………. तेल
 
उत्तर
 
(अ) उपसर्ग + मूल शब्द
अ + सफल
अ + दृश्य
अनु + उचित
अन + आवश्यक
अ + परिचित
अन + इच्छा
हाँ, उपसर्ग के जुड़ने से अर्थ में अंतर आ रहा है। उनके अर्थ मूल शब्द से विपरीत हो रहे हैं।

 

1. तीन कटोरी खीर
2. दो एकड़ ज़मीन
3. छह मीटर कपड़ा
4. एक ट्रक रेत
5. दो प्याला  कॉफ़ी
6. पाँच किलो बाजरा
7. एक लीटर दूध
8. तीन चम्मच तेल

 


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